Ad Code

Helen Keller Biography In Hindi | हेलेन केलर जीवन परिचय हिन्दी

Helen Keller Biography In Hindi In This Post You Will Get Information About Helen Keller Biography in Hindi.
  1. helen keller biography for kids
  2. हेलेन केलर बायोग्राफी इन हिंदी

Helen Keller In Hindi | हेलेन केलर जीवन परिचय हिन्दी


नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का आज के पोस्ट में आज हम आप सभी को Helen Keller के जीवन के संघर्षों के बारे में बताया जाएगा उन्होंने किस प्रकार अपने जीवन में संघर्ष किया दोस्तों इस पोस्ट में आप को उनके बारे में संपूर्ण जानकारी दी जाएगी.

हेलन केलर (Helen Keller) का जन्म 27 जून 1880 को अलबामा में हुआ | उनके पिता शहर के समाचार-पत्र के सफल सम्पादक थे और माँ एक गृहिणी थी.

दोस्तों 19 महीने की उम्र में ही Helen Keller को एक बीमारी हुई जिसका बारे में कोई भी डॉक्टर ठीक से नहीं बता पाया कि क्या हुआ था लेकिन जो भी हो उसका परिणाम यह हुआ कि Helen Keller की देखने की क्षमता और सुनने की क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई तो 19 महीने की उम्र में ही Helen Keller कुछ देख नहीं सकती थी और ना ही कुछ सुन सकती थी.

Helen Keller Biography In Hindi 

दोस्तों Helen Keller के सामने बहुत सारी चुनौतियां थी और उनके घर वालों के सामने भी उनके घर वाले Helen Keller के माता पिता उन्हें ना तो कुछ बोल कर बता पाते थे क्योंकि वह सुन नहीं सकती थी और ना ही मैं आंखों से देख सकती थी दोस्तों हेलेन को कुछ भी समझाना असंभव था उन्हें तो अपने आसपास की चीजों का नाम तक नहीं पता था और ना ही उनके माता-पिता हैं उन्हें बता सकते थे क्योंकि वह सुन वा देख नहीं सकती थी.

हेलेन केलर को अपने आस पास की बस्तुओ के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं थी उनको सिर्फ अंधेरा ही दिखाई देता था चारों तरफ इसी अंधेरे में वह धीरे-धीरे बड़ी होने लगी दोस्तों आखिरकार उनके माता-पिता ने हार मान ली थी वह समझ गए थे कि अब कभी भी
Helen Keller Biography In Hindi
Helen Keller Biography In Hindi
Helen Keller क्या हालत ठीक नहीं होगी.

लेकिन दोस्तों Helen Keller के माता पिता हमेशा यह कोशिश करते रहे कि Helen कुछ सीख सके कुछ समझ सके दोस्तों में हमेशा किसी व्यक्ति को ढूंढते रहे जो Helen Keller कुछ सिखा सके कुछ समझा सके.

Helen Keller के माता-पिता ने एक ऐसे टीचर को ढूंढना शुरू किया जो कि Helen Keller को समझा सके दोस्तों बहुत मशक्कत के बाद उन्हें एनी सेलविन के बारे में पता चला उन्होंने उनसे इसके बारे में बात की उसके बाद मैं उनके घर पहुंची.

जब टीचर एनी सेलविन हेलन के घर पहुंची तब हेलन की मां को उसे देखकर हैरानी हुई और वे इस बात को लेकर चिंता करने लगीं कि यह नई टीचर उनकी जिद्दी और चिड़चिड़े स्वभाव की बेटी हेलन केलर को कैसे पढ़ा पाएंगी। लेकिन एनी सेलविन न सिर्फ एक शिक्षिका के तौर पर हेलन केलर की पढ़ाई में मद्द की, बल्कि उन्होंने हेलन के अंदर सीखने और काम करने की ललक पैदा की और उन्हें शिक्षित कर हेनरी केलर के स्वाभिमान और आत्मविश्वास को जगाने में उसका साथ दिया.

एनी सेलविन हमेशा जिंदगी भर Helen Keller के साथ रहे और उन्हें सभी प्रकार की ज्ञान दिया दोस्तों ने उन्हें सभी प्रकार की जानकारियां दे दी और उन्हें काफी अच्छे से पढ़ाया दोस्तों बड़ी होकर हेलेन केलर ना सिर्फ किताबें पढ़ सकती थी उन्होंने बहुत सी किताबें भी लिखी और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लेक्चर भी दिए.

हेलेन केलर जीवन की महत्वापूर्ण घटनाएं हिन्दी

1. 27 जून, 1880 को टुस्कुम्बिया, अलाबामा में जन्म।

2. 1882 में उन्नीस महीने की उम्र में गंभीर बीमारी के कारण हेलेन की सुनने और देखने की शक्ति जाती रही।

3. 1887 में 3 मार्च को ऐन मैन्सीफील्डक सुलिवन हेलेन की टीचर बनीं।

4. 5 अप्रैल 1887 को हेलेन ने पहला शब्द वाटर सीखा।

5. 1890 में हेलेन ने बोलना सीखा।

6. 1891 में हेलेन ने अपनी कहानी फ्रास्ट किंग लिखी जिस पर चोरी का इल्जाम लगा।

7. 1889 में हेलेन के पिता की मृत्यु हुई।

8. 1890 में हेलेन ने रैडक्लिफ कॉलेज में दाखिला लिया।

9. 1903 में हेलेन की आत्मॉकथा – अ स्टोरी ऑफ माइ लाइफ का प्रकाशन

10. 1904 में हेलेन ने रैडक्लिफ कॉलेज से स्नालतक की डिग्री ली। वे विश्व की पहली बहरी-दृष्टिहीन स्नातक बनीं।

11. 1913 में प्राध्यापिका के रूप में कैरियर की शुरुआत।

12. 1916 में पीटर फागान से सगाई लेकिन मां के दबाव में सगाई तोड़नी पड़ी।

13. 1921 में हेलेन की मां की मृत्यु।

14. 1924 में अमेरिकन फाउंडेशन फॅार द ब्लायइंड के लिए काम करना शुरू किया।

15. 1927 में माय रिलीजन का प्रकाशन।

16. 1936 में ऐन मैन्साफील्डद सुलिवन की मृत्यु।

17. 1943 में घायलों से मिलने मिलीटरी अस्पताल गयीं।

18. 1946 में दृष्टिहीनों के कल्याण के लिए दुनिया भर के दौरे शुरू किये।

19. 1955 में टीचर, ऐन सुलिवन की जीवनी प्रकाशित।

20. 1957 में ऐन मैन्सलफील्ड सुलिवन के त्यागमय अध्यापकीय जीवन पर आधारित मिरैकल वर्कर का टेलिविजन पर नाट्य रूप में सीधा प्रसारण, बाद में 1962 में इसी नाम से फिल्म का निर्माण।

आखरी बात


दोस्तो आज की इस पोस्ट में हमने आपको हेलेन केलर जीवन परिचय के बारे में बताया 

  

Post a Comment

0 Comments